गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानी

 गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानी


न जानामि तन्त्रं न च स्तोत्र मंत्रं
    न जानामि दानं न च ध्यानयोगं।
न जानामि तीर्थं लयं वा कदाचित

   गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानी  ।।

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